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कार्य और जिम्मेदारियाँ विभिन्न स्तरों पर

शासनादेश :-   

  • राज्य शासन के आदेश एफ नं. 425-12-1 2004-सात-(4बी)- दिनांक 15 फरवरी, 2011 द्वारा राजस्व प्रशासन के सुचारू रूप से संचालन एवं इसे सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य स्तर पर विभागाध्यक्ष कार्यालय की नितांत आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा भोपाल में प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय स्थापित किया गया है जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग-1 दिनांक 4 मार्च 2011 में अधिसूचित है।
  • राज्य शासन द्वारा बुक आफ फाइनेंसियल पावर्स 1995 वाल्यूम-1 के सेक्शन-1 के अनुक्रमांक 01 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रमुख राजस्व आयुक्त मध्यप्रदेश भोपाल को दिनांक 20/4/2011 को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है।


प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय को शासन द्वारा प्रत्यावर्तित कार्य :-

प्रशासनिक दक्षता एवं जन सामान्य की सेवाओं को सुगम बनाने के लिए, शासन द्वारा प्रमुख राजस्व आयुक्त (विभागाध्यक्ष) को निम्नानुसार अधिकार प्रत्यायोजित किये गये हैं:-

 

  • तहसीलदार, नायब तहसीलदार स्थापना, सामान्य नियंत्रण, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति एवं स्थानान्तरण आदि।
  • संभाग आयुक्त, कलेक्टर एवं तहसील कार्यालयों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की स्थापना।
  • नजूल भूमि एवं जारी किए गए स्थायी एवं अस्थायी पट्टांे, अनुज्ञप्तियों, बेदावा करारों आदि का विवरण संधारित करना, प्रीमियम एवं भू-भाटक का निर्धारण, उगाही एवं वसूली तथा अभ्यावेदनों की सुनवाई एवं निराकरण। भूमि आवंटन।
  • भू-अर्जन, विभिन्न वृहद एवं लघु परियोजनाओं के लिए सड़कांे आदि एवं अन्य लोक प्रयोजनो के लिये निजी भूमियों के अर्जन की अनुमति। भूमि आवंटन।
  • नगरीय भूमि सीमा अधिनियम के प्रभाव में शासन हित में प्राप्त शहरी रिक्त भूमियों से आय / आवंटन।
  • कृषि जोत उच्चतम सीमा अधिनियम के अधीन प्राप्त अतिशेष भूमियों का आवंटन आदि।
  • निजी भूमियों का कृषि भिन्न प्रयोजनों में व्यपवर्तन, प्रीमियम एवं पुर्ननिर्धारण।
  • भू-राजस्व एवं उगाही एवं वसूली।
  • आदिम जनजाति के भू-स्वामियों का हित संरक्षण।
  • राजस्व भूमियों से वृक्षों की कटाई का विनियमन।
  • निस्तार भूमियों तथा चरनोई, बाजार-हाट आदि की भूमियों की व्यवस्था
  • राजस्व अभिलेखों की प्रतिलिपियों का प्रदाय आदि।
  • राज्य के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के लिए विभागों /संस्थाओं को भूमि उपलब्ध कराना।
  • विभाग द्वारा प्रशासित विभिन्न अधिनियमों/नियमों/विनियमों/अनुदेशों आदि के समय-समय पर आवश्यक संशोधन एवं परिवर्तन की कार्यवाही सुनिश्चित करना।


विभिन्न अधिनियमों, नियमों, विधियों तथा सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों में विभागाध्यक्ष को प्रदत्त सामान्य शक्तियां।

माननीय मंत्री जी

श्री गोविन्‍द सिंह राजपूत

श्री गोविन्‍द सिंह राजपूत

मंत्री

परिपत्र/पत्र/आदेश